LUCKNOW: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी KGMU से जुड़े डॉक्टर रमीजुद्दीन के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले के तार आगरा और एटा मेडिकल कॉलेज तक जुड़ने की बात सामने आ रही है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका खंगालने में जुटी हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में 100 से ज्यादा डॉक्टरों और मौलानाओं की भूमिका जांच के दायरे में है।
जांच में जकात के नाम पर चंदा इकट्ठा करने और उसके इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के नाम पर लोगों से पैसे जुटाए जाते थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चंदे के रूप में वसूली गई रकम कहां भेजी जाती थी और इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था।
KGMU के बाद अब आगरा और एटा तक कनेक्शन सामने आने की खबर से जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। अधिकारियों की नजर उन लोगों पर है, जिनका संपर्क डॉक्टर रमीजुद्दीन से बताया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मेडिकल कॉलेजों में तैनात डॉक्टरों और अन्य लोगों की इस नेटवर्क में क्या भूमिका थी।
हालांकि, जिन 100 से ज्यादा डॉक्टरों और मौलानाओं के नाम या भूमिका की चर्चा हो रही है, उनकी संलिप्तता अभी जांच का विषय है। किसी भी व्यक्ति को दोषी मानने से पहले जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
फिलहाल जांच एजेंसियां पैसों के लेनदेन, संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
